राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय वक्ताओं ने भारत में सीएसआर पारिस्थितिकी तंत्र में चुनौतियों और अवसरों के बारे में बात की
June 24, 2020 • Mr Arun Mishra

> एसआईआईसी, आईआईटी कानपुर के सहयोग से मेराक्लिस टेक्नोलॉजीज ने बड़े ऑनलाइन इम्पैक्ट फंडिंग समिट का किया आयोजन।

>  IFOS के मुख्य वक्ता अजय चौधरी और HCL के संस्थापक जैसे दिग्गजों ने इस शिखर सम्मेलन का उद्घाटन किया।

> RASIT लंदन की कार्यकारी निदेशक ने मेराक्लिस पुणे के कार्यों की सराहना की।

कानपुर (का उ सम्पादन)। स्टार्टअप इंक्यूबेशन एंड इनोवेशन सेंटर एसआईआईसी, आईआईटी कानपुर के सहयोग से मेराक्लिस टेक्नोलॉजीज ने 18 से 20 जून 2020 तक पहली और सबसे बड़ी ऑनलाइन इम्पैक्ट फंडिंग समिट का आयोजन किया। इस समिट को एयरो नीरो सॉल्यूशंस, एचपीसीएफ और CLEAN द्वारा सपोर्ट किया गया था। IFOS 2020 को तमाम एनजीओ और फाउंडेशन द्वारा बहुत अच्छी तरह से प्राप्त किया गया था, जो अपनी परियोजनाओं को निष्पादित करने के रणनीतिक विशेषज्ञ मार्गदर्शन के साथ-साथ अपनी परियोजनाओं के लिए धन जुटाने की ओर देख रहे हैं। इस अद्वितीय ऑनलाइन इम्पैक्ट समिट में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय वक्ताओं की एक पंक्ति थी, जिन्होंने भारत में सीएसआर पारिस्थितिकी तंत्र में चुनौतियों और अवसरों के बारे में बात की। इस अवसर पर बोलते हुए, मेराक्लिस पुणे के सह-संस्थापक और सीईओ विशाल नाइक ने कहा कि शिखर सम्मेलन का उद्देश्य संस्थानों और गैर-सरकारी संगठनों को एक मंच पर इन कठिन क्षणों में नेविगेट करने में मदद करना था। इफ्तिखार पठान ने कहा कि आगे बढ़ते हुए हमें सभी हितधारकों को एक साथ लाने और मौजूदा महामारी से संबंधित मुद्दों को सुलझाने के लिए और विशेष रूप से फंड जुटाने, री-पोजिशनिंग और योजना बनाने में मदद करने और नीतियों को प्रभावी बनाने के लिए उनके बीच एक संवाद बनाने की आवश्यकता है। वक्ताओं की सूची में अजय चौधरी, IFOS के मुख्य वक्ता और HCL के संस्थापक शिव नाडार जैसे दिग्गज शामिल थे, जिन्होंने इस शिखर सम्मेलन का उद्घाटन किया। शिखर सम्मेलन में 72 भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय वक्ताओं के साथ 21 देशों के 3000 से अधिक उपस्थित लोगों ने भाग लिया। रॉयल एकेडमी ऑफ साइंस इंटरनेशनल ट्रस्ट RASIT लंदन की कार्यकारी निदेशक एचआरएच राजकुमारी डॉ निसरीन अल-हाशमीते द्वारा भव्य समापन सत्र दिया गया। डॉ निसरीन ने उन कदमों की सराहना की, जो भारत में सामाजिक क्षेत्र के सामने आने वाली चुनौतियों का सामना करने के लिए मेराक्लिस पुणे ले रही हैं। श्री दास ने कहा कि, भारत को आगे बढ़ने के लिए सामाजिक क्षेत्र में अत्यंत पारदर्शिता के साथ कार्य कुशल होना चाहिए और कॉरपोरेट्स के विश्वास का निर्माण करना चाहिए, जिससे उन्हें बहुत आवश्यक जवाबदेही मिल जाएगी और आरओआई (रिटर्न ऑन इन्वेस्टमेंट) इम्पैक्ट फंडिंग के हर पैसे पर अपेक्षित होंगे। मेराक्लिस टेक्नोलॉजीज हर साल IFOS करने की योजना बना रही है। कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी (सीएसआर) को कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय द्वारा अनिवार्य किया गया था और भारत यह ऐतिहासिक कदम उठाने वाला पहला देश बना। कानून के अमल में आने के बाद 2013 से अब तक 5000 करोड़ रुपए से अधिक खर्च किए जा चुके हैं। इस क्षेत्र में जरूरतमंदों की मदद के लिए अधिक से अधिक कॉरपोरेट आगे आ रहे हैं और सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ़ इंडिया की सीएसआर के लिए एक अलग स्टॉक एक्सचेंज स्थापित करने की बात चल रही है। मेराक्लिस, पुणे स्थित एक स्टार्टअप है, जिसने कॉरपोरेट्स, एनजीओ और बड़े स्तर पर समाज को एक साथ काम करने के लिए एक अनूठा मंच विकसित किया है। इसकी स्थापना विशाल नाइक, इफ्तिखार पठान और दुर्गा दास ने की थी। अधिक जानकारी के लिए www.impactfundingsummit.com का अवलोकन करें।