सभी प्रतिनिधियों की समस्याओं का गाइडलाइन्स का पालन करते हुए सार्थक हल निकालने का किया जाएगा प्रयास : उप मुख्यमंत्री
May 12, 2020 • Mr Arun Mishra

> प्रवासी मजदूरों को काम व रोजगार देने के हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं : केशव प्रसाद मौर्य

> जन चेतना के अग्रदूत बनकर जनसेवा के कार्य में सरकार का भरपूर सहयोग प्रदान करें पंचायत प्रतिनिधि : केशव प्रसाद मौर्य

> चालू कार्यों वाली औद्योगिक संस्थानों में प्रवासी स्पेशलिस्ट कामगारों से मदद ली जा सकती: उप मुख्यमंत्री

> उद्यमियों ने उप मुख्यमंत्री से किया यूपीएसआईडीसी द्वारा औद्योगिक इकाइयों पर बढ़ाए गए मेंटेनेंस चार्ज को कम करने का अनुरोध।

लखनऊ (सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग)। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा है कि कोरोना वायरस संक्रमण के मद्देनजर लोगों को समय और परिस्थिति के अनुसार अपनी जीवन शैली बदलने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि कोरोना संकट को सभी लोग अवसर में बदलने का प्रयास करें। श्री मौर्य मंगलवार 12 मई को प्रयागराज के विभिन्न वर्गों व विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए संवाद कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आज अपने आवास 7 - कालिदास मार्ग से प्रयागराज के विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ कोरोना संक्रमण के दृष्टिगत वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए वार्ता की तथा उनकी समस्याएं सुनी व उनके बहुमूल्य सुझाव भी लिए। विभिन्न संगठनों द्वारा रखी गई समस्याओं का संज्ञान लेते हुए उन्होंने कहा कि सामाजिक दूरी को बनाए रखने के साथ समस्याओं का यथा संभव समाधान हर हाल में किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार प्रत्येक वर्ग के लिए पूरी तत्परता के साथ कार्य कर रही है और हर जरूरी कदम सरकार द्वारा उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार जनता की समस्याओं को समझ रही है और पूरी प्रतिबद्धता के साथ जनता के साथ खड़ी है। प्रवासी मजदूरों को काम व रोजगार देने के हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोई प्रवासी मजदूर चोरी छिपे अपने घर न जाए। यदि कोई सीधे अपने गांव में पहुंच रहा है तो पंचायतों के प्रतिनिधि व समितियों के लोग प्रशासन को तत्काल सूचित करें ताकि समय से जरूरी कदम उठाए जा सकें। उन्होंने कहा कि श्रमिकों के साथ सहज व्यवहार किया जाए। श्री मौर्य ने कहा कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां तेज करने पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मा प्रधानमंत्री की मंशा के अनुरूप हमें जन से लेकर जग की नीति पर चलना है। उन्होंने कहा कि औद्योगिक गतिविधियां भी चालू की जा रही हैं। विदेशी कंपनियों को भी उत्तर प्रदेश में लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सभी लोग 2 गज की दूरी का पालन जरूर करें। भारी संख्या में कुशल, अकुशल प्रवासी मजदूर आ रहे हैं इसलिए गांव को संक्रमण से बचाना सबसे बड़ी चुनौती है और इसमें जन सहयोग की प्रबल आवश्यकता है। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से अपील की है कि वह जन चेतना के अग्रदूत बनकर जनसेवा के कार्य में सरकार का भरपूर सहयोग प्रदान करें। वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान प्रयागराज के उद्यमियों ने बताया कि फैक्ट्री बंद होने पर विद्युत का जो फिक्स्ड चार्ज लगाया जा रहा है ,उसको माफ करने पर विचार किया जाए। श्री मौर्य ने कहा कि जिन औद्योगिक संस्थानों को चालू किया जा रहा है, उनमें प्रवासी स्पेशलिस्ट कामगारों से मदद ली जा सकती है। वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के दौरान प्रयागराज व्यापार मंडल, बिल्डर्स एसोसिएशन, इंडस्ट्री एसोसिएशन, आईटी सेक्टर के लोगों, बिजली एसी व प्लंबर की दुकानों के लोगों,ऑटोमोबाइल एसोसिएशन, ट्रांसपोर्टर्स, इलेक्ट्रॉनिक सामग्री के व्यापारियों, सीमेंट, सरिया, कपड़ा व कास्मेटिक की दुकानों के लोगों व फर्नीचर एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने उप मुख्यमंत्री से वार्ता करते हुए अपनी समस्याएं बतायी। श्री मौर्य ने कहा कि सभी की समस्याओं का संज्ञान लिया गया है और सरकार द्वारा इस संबंध में गाइडलाइन का पालन करते हुए सकारात्मक व सार्थक हल निकालने का हर संभव प्रयास किया जाएगा। व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों ने यह भी सुझाव दिया कि दुकानों को अल्टरनेट रूप में खोलने की अनुमति दी जाए य 1 दिन सड़क के एक तरफ वह दूसरे दिन सड़क के दूसरी तरफ के लोगों को दुकान खोलने य आधे दुकानदारों को प्रथम पहर में तथा आधे दुकानदारों को दूसरे पहर में दुकानें खोलने की अनुमति देने का सुझाव दिया गया। यूपीएसआईडीसी द्वारा औद्योगिक इकाइयों पर बढ़ाए गए मेंटेनेंस चार्ज को कम करने का भी अनुरोध उद्यमियों ने किया गया। निजी क्षेत्र के बिल्डरों ने भी महत्वपूर्ण सुझाव रखे। प्लंबरिंग एसी व बिजली के सामान की दुकाने खोलने का भी अनुरोध किया गया। कुछ लोगों ने यह भी सुझाव रखा कि जब वर्क फ्रॉम होम हो रहा है और ई लर्निंग हो रही है, तो आईटी क्षेत्र की दुकानों,लैपटॉप आदि की दुकानें भी खुलनी चाहिये। होटल इंडस्ट्री के लोगों ने भी अपनी समस्याएं रखते हुए होटल को इंडस्ट्री का दर्जा देने की मांग की। उप मुख्यमंत्री ने सभी लोगों के सुझावों को गंभीरतापूर्वक सुना और आश्वासन दिया कि सभी लोगों की समस्याओं का कोई न कोई सार्थक व सकारात्मक हल निकालने का प्रयास किया जाएगा।