सहकारी चीनी मिलों के पेराई सत्र हेतु सहकारी बैंकों से उपलब्ध साख-सीमा के लिए शासकीय गारण्टी का प्रस्ताव स्वीकृत
October 11, 2020 • Mr Arun Mishra

लखनऊ (सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद द्वारा महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इन निर्णयों में मंत्रिपरिषद ने प्रदेश की सहकारी चीनी मिलों के आगामी पेराई सत्र 2020-21 हेतु उ प्र सहकारी बैंक / जिला सहकारी बैंकों से उपलब्ध करायी जाने वाली नकद साख–सीमा की सुविधा के लिए शासकीय गारण्टी प्रदान किये जाने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर दी है। ज्ञातव्य है कि शासकीय गारण्टी प्रतिवर्ष प्रदान की जाती रही है। विगत पेराई सत्र 2019-20 में 3221.63 करोड़ रुपये की नकद साख सीमा के विरुद्ध शासकीय गारण्टी दी गयी थी एवं उक्त गारण्टी पर देय गारण्टी शुल्क 8.05 करोड़ रुपये को माफ किया गया था। आगामी पेराई सत्र 2020-21 के लिए उ प्र सहकारी चीनी मिल्स संघ लिमिटेड की 24 सहकारी चीनी मिलों को 3650 करोड़ रुपये की शासकीय गारण्टी प्रदान किये जाने का प्रस्ताव है। सहकारी चीनी मिलों की आर्थिक स्थिति खराब होने के दृष्टिगत उक्त शासकीय गारण्टी पर देय गारण्टी शुल्क 09 करोड़ 12 लाख 50 हजार रुपये के भुगतान से छूट प्रदान किये जाने का निर्णय भी लिया गया है।