सनातन परम्परा के संत थे महर्षि बाल्मीकि: योगी आदित्यनाथ
February 3, 2020 • Mr Arun Mishra

> मुख्यमंत्री ने महर्षि बाल्मीकि सेवा संस्थान में बाल्मीकि जी की प्रतिमा का अनावरण किया।

लखनऊ (का ० उ ० सम्पादन)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को जनपद चन्दौली में ग्राम सभा देवखत स्थित महर्षि बाल्मीकि सेवा संस्थान के रजत जयंती समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि महर्षि बाल्मीकि सनातन परम्परा के संत थे। उन्होंने रामायण जैसे पवित्र ग्रंथ की रचना की थी। महर्षि बाल्मीकि सेवा संस्थान बच्चों में राष्ट्रीयता एवं संस्कार प्रदान करने का पुनीत कार्य कर रहा है। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि नौगढ़ में शीघ्र ही कौशल विकास एवं आईटीआई प्रशिक्षण केन्द्र खोला जाएगा। गरीब, आदिवासी एवं निराश्रित बालक-बालिकाओं के लिए छात्रावास भी बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस क्षेत्र के गरीबों को आवास, शौचालय, पेंशन के साथ-साथ विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ दिलाने के लिए कृतसंकल्पित है। उन्होंने जनता को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने व क्षेत्र की भौगोलिक स्थितियों को देखते हुए सिंचाई के लिए ठोस कार्य योजना बनाने की बात कही। इससे पूर्व, मुख्यमंत्री ने महर्षि बाल्मीकि सेवा संस्थान में बाल्मीकि जी की प्रतिमा का अनावरण किया तथा वहां उपस्थित वनवासी बच्चों के साथ सहभोज भी किया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधिगण सहित शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।