संक्रमण को नियंत्रित करने के दृष्टिगत अधिकाधिक टेस्ट करना आवश्यक : मुख्यमंत्री
July 24, 2020 • Mr Arun Mishra

> प्रदेश में 1 लाख टेस्ट प्रतिदिन करने की कार्ययोजना बनाकर उसे क्रियान्वित करें : मुख्यमंत्री

> मुख्यमंत्री ने बड़े जनपदों में 2 हजार रैपिड एन्टीजन टेस्ट प्रतिदिन करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री के टीम 11 को निर्देश :

> सर्वे गतिविधियों को मिशन मोड पर संचालित किया जाए।

> कन्टेनमेंट जोन में व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने के लिए एनसीसी के कैडेटों तथा सिविल डिफेंस के लोगों की सेवाएं भी प्राप्त की जाएं।

> विशेष अभियान के तहत सेनिटाइजेशन, फाॅगिंग तथा स्वच्छता सम्बन्धी कार्यों को पूरी तत्परता से किया जाए।

> बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रभावित जनता के लिए राहत सामग्री की व्यवस्था रहे।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी 24 जुलाई 2020 को अपने सरकारी आवास पर आहूत एक उच्च स्तरीय बैठक में अनलॉक व्यवस्था की समीक्षा करते हुए।  (फोटो : मुख्यमंत्री सूचना परिसर)

लखनऊ (सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा है कि कोविड-19 को हराने के लिए आवश्यक है कि कोरोना वायरस से एक कदम आगे का विजन रखा जाए। उन्होंने प्रदेश में 1 लाख टेस्ट प्रतिदिन करने के लिए कार्ययोजना बनाकर उसे क्रियान्वित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए ज्यादा से ज्यादा टेस्ट किया जाना जरूरी है। मुख्यमंत्री योगी शुक्रवार 24 जुलाई को अपने सरकारी आवास पर आहूत एक उच्च स्तरीय बैठक में अनलाॅक व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि 30 लाख से अधिक की आबादी वाले जनपदों में रैपिड एन्टीजन टेस्ट के द्वारा 2 हजार टेस्ट प्रतिदिन तथा इससे कम जनसंख्या वाले जिलों में कम से कम 1 हजार टेस्ट प्रतिदिन रैपिड एन्टीजन टेस्ट विधि के माध्यम से किए जाएं। आरटीपीसीआर के माध्यम से प्रदेश में 35 हजार टेस्ट प्रतिदिन किए जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनपद लखनऊ, गाजियाबाद, कानपुर नगर, वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर तथा बलिया में विशेष सतर्कता बरतते हुए डोर-टू-डोर सर्वे के माध्यम से मेडिकल स्क्रीनिंग का कार्य सघन रूप से किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रदेश में टेस्टिंग किट, दवाई, वेंटीलेटर तथा अन्य जरूरी सामग्री की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने के लिए समय से सभी प्रक्रियाएं पूरी की जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सर्विलांस टीम द्वारा प्रभावी ढंग से मेडिकल स्क्रीनिंग का कार्य किया जाए। उन्होंने इन टीमों को पूरी तरह सक्रिय रखते हुए कार्यों की माॅनिटरिंग करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि सर्वे गतिविधियों को मिशन मोड पर संचालित किया जाए। इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन आवश्यकतानुसार निजी चिकित्सालयों को कोविड अस्पतालों में परिवर्तित करने के सम्बन्ध में जरूरी कदम उठाए। उन्होंने इस सम्बन्ध में समस्त कार्यवाही को समय से पूरा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कन्टेनमेंट जोन में व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने के लिए एनसीसी के कैडेटों तथा सिविल डिफेंस के लोगों की सेवाएं भी प्राप्त की जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 तथा संचारी रोगों को नियंत्रित करने के लिए प्रदेश में प्रत्येक सप्ताह विशेष स्वच्छता एवं सेनिटाइजेशन अभियान संचालित किया जा रहा है। आगामी शनिवार तथा रविवार को प्रदेश में संचालित होने वाले विशेष अभियान के तहत सेनिटाइजेशन, फाॅगिंग तथा स्वच्छता सम्बन्धी कार्यों को पूरी तत्परता से किया जाए। सभी नोडल अधिकारी इन कार्यों की प्रभावी माॅनिटरिंग करें। उन्होंने कहा कि शनिवार तथा रविवार को साप्ताहिक बन्दी रहेगी। इसलिए लोग अनावश्यक अपने घरों से बाहर न निकले। मुख्यमंत्री ने बारिश के मौसम के दृष्टिगत संचारी रोगों की रोकथाम के लिए सभी प्रबन्ध करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रभावित जनता के लिए राहत सामग्री, चिकित्सा सुविधा के साथ-साथ पशुओं के लिए चारे आदि की व्यवस्था रहे। इस अवसर पर मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त आलोक टण्डन, कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक सिन्हा, अपर मुख्य सचिव सूचना एवं गृह अवनीश कुमार अवस्थी, अपर मुख्य सचिव वित्त संजीव मित्तल, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री एस पी गोयल, पुलिस महानिदेशक हितेश अवस्थी, अपर मुख्य सचिव चिकित्सा शिक्षा रजनीश दुबे, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद, अपर मुख्य सचिव ग्राम्य विकास तथा पंचायतीराज मनोज कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव कृषि देवेश चतुर्वेदी, अपर मुख्य सचिव एमएसएमई नवनीत सहगल, प्रमुख सचिव पशुपालन भुवनेश कुमार, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री संजय प्रसाद एवं सचिव मुख्यमंत्री आलोक कुमार, राहत आयुक्त संजय गोयल और सूचना निदेशक शिशिर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।