सीएम योगी ने अयोध्या निर्णय के बाद से प्रदेश में सौहार्द और शान्ति के वातावरण की नई मिसाल कायम होने पर अधिकारियों की सराहना
November 24, 2019 • Mr Arun Mishra

> पॉक्सो एक्ट से जुड़े मामलों में सन्तोषजनक प्रगति हुई है: मुख्यमंत्री

> समाज के कमजोर वर्गों से जुड़े अपराधों के सम्बन्ध में दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए:मुख्यमंत्री

> महिला सम्बन्धी अपराधों पर तेजी से कार्रवाई करने के निर्देश।

> उद्योग बन्धु के साथ अनिवार्य रूप से जनपद और मण्डल स्तर पर बैठकें सुनिश्चित की जाएं: मुख्यमंत्री

> साइबर थानों को खोले जाने की कार्यवाही की जाए।

> प्राथमिक विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को 30 नवम्बर, 2019 तक हर हाल में स्वेटर उपलब्ध कराए जाने के निर्देश।

लखनऊ (का ० उ ० सम्पादन)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मा0 सर्वोच्च न्यायालय द्वारा अयोध्या प्रकरण में विगत 09 नवम्बर, 2019 को दिए गए निर्णय के दृष्टिगत आगामी 15 दिसम्बर, 2019 तक समुचित एवं सुदृढ़ सुरक्षा प्रबन्ध किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इस निर्णय के बाद से अब तक प्रदेश में सौहार्द और शान्ति के वातावरण की नई मिसाल कायम होने पर अधिकारियों की सराहना करते हुए कहा कि यह वातावरण और सतर्कता भविष्य में भी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने फुट पट्रोलिंग, यू0पी0–112 पट्रोलिंग, पीस कमेटियों, धर्मगुरुओं तथा समाज के विभिन्न वर्गों के साथ निरन्तर सम्पर्क और संवाद रखे जाने पर जोर देते हुए सुरक्षा के सम्बन्ध में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही न बरते जाने के निर्देश दिए। योगी जी बीते शनिवार को अपने सरकारी आवास पर प्रदेश में कानून व्यवस्था और अन्य विभिन्न विषयों पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जनपद और मण्डल स्तरीय अधिकारियों सहित विभिन्न जोन व रेंज के पुलिस अधिकारियों को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने महिला सम्बन्धी अपराधों पर तेजी से कार्रवाई करने के निर्देश देते हुए कहा कि पॉक्सो एक्ट से जुड़े मामलों में सन्तोषजनक प्रगति हुई है। इसी प्रकार महिला और समाज के अन्य कमजोर वर्गों से जुड़े अपराधों के सम्बन्ध में दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि उद्योग बन्धु के साथ अनिवार्य रूप से जनपद और मण्डल स्तर पर बैठकें सुनिश्चित की जाएं। पूंजी निवेश और इन्वेस्टर्स समिट से जुड़े प्रस्तावों के लम्बित मामलों पर तेजी से कार्यवाही करते हुए समस्याओं का निस्तारण किया जाए। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि धर्मस्थलों, पेट्रोल पम्प, व्यावसायिक व औद्योगिक प्रतिष्ठानों, ए0टी0एम0 तथा बैंकों आदि पर सी0सी0टी0वी0 कैमरे की व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। साइबर क्राइम के दृष्टिगत रेंज स्तर पर साइबर थानों को खोले जाने की कार्यवाही की जाए। उन्होंने कहा कि आमजन की सुनवाई और उनकी समस्याओं के निस्तारण में शिथिलता व लापरवाही को गम्भीरता से लिया जाएगा। आई0जी0आर0एस0, सी0एम0 हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों में शीघ्रता से कार्रवाई किए जाने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यालय तथा फील्ड के प्रत्येक स्तर के सभी अधिकारी व कर्मचारी समय पर कार्यालय में उपस्थित रहें और 01 घण्टा जनसुनवाई सुनिश्चित करें। योगी जी ने प्राथमिक विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को 30 नवम्बर, 2019 तक हर हाल में स्वेटर उपलब्ध कराए जाने के निर्देश देते हुए कहा कि इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता पाए जाने पर सम्बन्धित जिलाधिकारी व बी0एस0ए0 के विरुद्ध कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि 01 जनवरी, 2020 से सम्भावित जनगणना कार्यक्रम से जुड़े अधिकारी व कर्मचारी जनगणना के सम्बन्ध में पारदर्शिता व ईमानदारी से कार्य करते हुए शौचालय निर्माण सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत उनसे जुड़े आंकड़ों पर नजर रखेंउन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति सड़क या फुटपाथ पर सोता हुआ न पाया जाए। रैन बसेरों तथा उनकी सुरक्षा व्यवस्था के सम्बन्ध में कार्यवाही की जाए। ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने पर भी कार्रवाई हो। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि समस्याओं का समाधान का समयबद्ध ढंग से किया जाए, इसका आधार जनता की संतुष्टि होयदि ऐसा नहीं होता, तो अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने जनसुनवाई पोर्टल पर मुख्यमंत्री सन्दर्भ, ऑनलाइन सन्दर्भ एवं पी0जी0 पोर्टल के जिलाधिकारी स्तर पर टॉप-10 असन्तोषजनक निस्तारण वाले 10 डिफॉल्टर जनपदों-अलीगढ़, बहराइच, सुलतानपुर, चन्दौली, बाराबंकी, वाराणसी, भदोही, मऊ, संतकबीरनगर तथा अम्बेडकरनगर की चर्चा करते हुए कहा कि इस स्थिति में सुधार लाया जाए। इसी प्रकार, उन्होंने पुलिस अधीक्षक स्तर पर डिफॉल्टर जनपदों का संज्ञान लिया। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि पराली व गन्ने की पत्तियों को जलाने पर पूरी तरह से अंकुश लगाते हुए किसानों को इससे होने वाले पर्यावरणीय नुकसान के बारे में जागरूक किया जाए। उन्होंने कहा कि निराश्रित गोवंश के रख-रखाव और आश्रय स्थलों के सम्बन्ध में सभी जनपदों को पर्याप्त मात्रा में धनराशि दी गई है। आश्रय स्थलों का निर्माण पूर्ण करते हुए निराश्रित गोवंश को इनमें रखते हुए उनके भरण-पोषण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। निराश्रित गोवंश सड़कों व खेतों में घूमते न मिलें। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्लास्टिक, थर्मोकोल, पॉलीथीन आदि पूर्णत: प्रतिबन्धित हैं। इनके प्रयोग पर प्रभावी रोक लगे। साथ ही, प्रत्येक जनपद स्वच्छता के मामले में अपनी रैंकिंग में सुधाए लाए। उन्होंने गाजियाबाद की चर्चा करते हुए कहा कि जिन जनपदों की रैंकिंग में गिरावट आयी है, उनसे सम्बन्धित अधिकारी सुधार के सम्बन्ध में सचेत रहते हुए कार्यवाही करें। उन्होंने कहा कि व्यापारियों के पंजीकरण तथा जी0एस0टी0 रिटर्न भरे जाने के सम्बन्ध में उनके प्रशिक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही, डेंगू पर प्रभावी नियंत्रण के लिए संचारी रोगों से जुड़े अभियान में तेजी लाते हुए कार्य योजना बनायी जाए। मुख्यमंत्री योगी ने बैंकों, करेंसी चेस्ट, ए0टी0एम0, ग्राहक सेवा केन्द्रों आदि की सुरक्षा के सम्बन्ध में जिलाधिकारियों, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों, रेंज व जोनल पुलिस अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि इन स्थलों की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित हो। सी0सी0टी0वी0 कैमरों के माध्यम से निगरानी निरन्तर होती रहे। सी0सी0टी0वी0 कैमरों की रिकॉर्डिंग की गुणवत्ता ठीक हो तथा रिकॉर्डिंग की उपलब्धता भी सुनिश्चित हो। वित्तीय संस्थानों के आस-पास संदिग्ध व्यक्तियों पर निरन्तर सतर्क निगाह रखी जाए। गार्डों की पर्याप्त व्यवस्था हो और गार्ड के शस्त्र लाइसेन्स में किसी भी प्रकार का विलम्ब न हो। उन्होंने कहा कि ए0टी0एम0 तथा ग्राहक सेवा केन्द्र सुनसान स्थलों पर न निर्मित किए जाएं। इसके पूर्व, मुख्य सचिव आर के तिवारी, अपर मुख्य सचिव गृह एवं सूचना अवनीश कुमार अवस्थी तथा डीजीपी  ओ पी सिंह ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस अवसर पर मण्डलीय व जनपदीय अधिकारियों सहित जोन व रेंज के पुलिस अधिकारी उपस्थित थे।