सेना भर्ती में फर्जीवाड़ा करके भर्ती एवं मेडिकल कराने वाले रैकेट का भंडाफोड़
January 21, 2020 • Mr Arun Mishra

> सेना भर्ती में फर्जीवाड़ा करके भर्ती एवं मेडिकल कराने वाले रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए रैकेट संचालित करने वाले सेना के दो जवानों सहित 04 अभियुक्तों को किया गया गिरफ्तार।

प्रयागराज (का ० उ ० सम्पादन)। दिनांक 19.01.2020 को एसटीएफ उ प्र को फर्जी तरीके से सेना में भर्ती एवं मेडिकल में पास कराने वाले रैकेट को संचालित करने वाले सेना के दो जवानों सहित 04 अभियुक्तों को भारी धनराशि व अन्य कागजातों के साथ जनपद प्रयागराज के सिविल लाइन्स थाना क्षेत्र से गिरफ्तार करने में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त हुई।

गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण:

1- प्रदीप सिंह यादव पुत्र नारायण यादव, निवासी महमूदपुर, थाना नोनहरा, जनपद गाजीपुर (फायर इंजन ड्राइवर, सी0ओ0डी छिवकी)

2 - संजय कुमार पाण्डेय पुत्र त्रियुगी पाण्डेय, निवासी ग्राम रामपुर बगहा टोला टकिया पोस्ट लक्ष्मीगंज, रामकोला, कुशीनगर। (6 महार रेजिमेन्ट, कारू-लेह में नायक के पद पर तैनात है)

3 - मनीष सिंह यादव पुत्र स्व0 राजाराम यादव, निवासी ग्राम रामपुर बगहा टोला टकिया पो0 लक्ष्मीगंज, रामकोला, जनपद कुशीनगर

4 - त्रिपतीनाथ सरोज पुत्र प्यारे लाल सरोज, निवासी मलसिल, थाना सिकरारा, जौनपुर।

बरामदगी:

1 - 103 अदद अलग-अलग अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड।

2 - अभ्यर्थियों के शैक्षिक अभिलेखों, एडमिट कार्ड, भर्ती से सम्बन्धित पैसों के लेन-देन के हिसाब से सम्बन्धित आदि 229 अदद व्हाट्सएप स्क्रीनशॉट।

3 - 08 अदद मोबाइल फोन।

4 - नकद 2,75,000/- रूपया।

विगत काफी दिनों से भारतीय सेना में अवैध तरीके से भर्ती कराने वाले एवं मेडिकल परीक्षा में अनफिट अभ्यार्थियों को अनुचित लाभ लेकर फिट कराने वाले रैकेट के क्रियाशील होने की आसूचना प्राप्त हो रही थी। इस सम्बन्ध में अमिताभ यश, पुलिस महानिरीक्षक, एसटीएफ, उ प्र एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ, लखनऊ द्वारा एसटीएफ की विभिन्न इकाईयों/टीमों को अभिसूचना संकलन एवं ठोस कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया था। उक्त के क्रम में नीरज कुमार पाण्डेय, अपर पुलिस अधीक्षक व नवेन्दु कुमार, पुलिस उपाधीक्षक के नेतृत्व में एसटीएफ फील्ड इकाई, प्रयागराज टीम द्वारा अभिसूचना संकलन की कार्यवाही की जा रही थी। अभिसूचना संकलन के दौरान दिनांक 19.01.2020 को टीम को मुखबिर द्वारा सूचना प्राप्त हुई कि सेना में भर्ती कराने वाले गिरोह के कुछ सक्रिय सदस्य कम्पनी बाग के सामने नाजरेथ हास्पिटल, प्रयागराज के पास आने वाले हैं। मुखबिर द्वारा प्राप्त सूचना की पुष्टि अन्य माध्यमों से प्राप्त सूचनाओं से भी होने पर एसटीएफ टीम द्वारा मिलिट्री इन्टेलीजेन्स टीम को सूचित कर तथा साथ लेकर उस स्थान पर पहुंचकर कुछ देर इन्तजार करने के उपरान्त 4-5 व्यक्तियों को आपस में पैसों व कागजातो का आदान-प्रदान करने व संदिग्ध प्रतीत होने तथा मुखबिर के संकेत पर उनकी पहचान का विश्वास करते हुये चारों व्यक्तियों को गिरफ्तार कर लिया गया, जिनसे उपरोक्त बरामदगी हुई। अलग-अलग एवं संयुक्त रूप से पूछताछ करने पर अभियुक्त मनीष उपरोक्त द्वारा बताया गया कि इस गिरोह का सरगना उसकी बुआ का लड़का मुलायम सिंह यादव उर्फ अजय यादव पुत्र राम अभिलाष यादव, निवासी ग्राम शाखा, थाना सैनी, जनपद कौशाम्बी इस समय जोधपुर राजस्थान में सेना में कार्यरत है। रिश्तेदार होने के कारण उसका आना-जाना मेरे घर पर भी है। आने-जाने के दौरान उन्होनें मुझसे चर्चा की थी कि यदि अपना कोई भरोसे का आदमी हो तो उसे हम सेना में भर्ती करवा सकते है। इस पर उसके द्वारा अपने भरोसेमंद लोगों की तलाश की और उनका पूरा डिटेल लेकर बुआ के लड़के अजय उर्फ मुलायम सिंह यादव उपरोक्त को दिया गया। मुलायम सिंह यादव उर्फ अजय यादव उपरोक्त ने सभी लोगों को जब भर्ती करा दिया तो विश्वास जम जाने के बाद आगे की भर्तियों में भी हम लोग ऐसे अभ्यर्थियों की तलाश करने लगे जो पैसा देकर भर्ती होने के इच्छुक थे। चूंकि इस काम में काफी पैसे मिलने लगे इसलिए इस काम को हम लोगों ने धन्धा बना लिया। अजय की दूरस्थ पोस्टिंग होने एवं छुट्टी न मिलने के कारण सेना में ही कार्यरत उनके दो दोस्त प्रदीप सिंह यादव व संजय कुमार पाण्डेय उपरोक्त का परिचय हमसे कराया और बताया कि यह दोनों भी मेरे काफी विश्वसनीय है और इस काम में यह तुम्हारा साथ देगें। चूंकि इस काम में मोटा पैसा मिल जाता है इसलिए हम सभी लोग मिलकर हर भर्तियों में भर्ती करवाने के लिए अभ्यर्थियों की तलाश करते है और भर्ती करवाकर उनसे मोटी रकम वसूलते है। मेडिकल में पास कराने का रेट 60,000/- रूपये प्रति अभ्यर्थी और पूरा भर्ती कराने का रेट 02 से 2.5 लाख रूपये लेते हैं। भर्ती होने के इच्छुक अभ्यर्थियों के हाईस्कूल व इंटरमीडिएट आदि के सर्टिफिकेट्स प्लान के मुताबिक हम लोग अपने पास रख लेते है तथा अभ्यर्थियों से लिए गए उनके असली डाक्यूमेंटस को व्हाट्सअप्प के जरिए हम सभी लोग मुलायम सिंह यादव उर्फ अजय यादव उपरोक्त को भेजते हैं। अजय के सम्पर्क में लखनऊ में जे0आर0ओ0 (जोनल रिक्रूटमेंट आफिस) में तैनात एक बाबू जी हैं, जो भर्ती से सम्बन्धित गोपनीय अभिलेख अजय यादव उर्फ मुलायम सिंह यादव को उपलब्ध कराते हैं। मनीष तथा प्रदीप सिंह यादव ने अभ्यर्थियों से भर्ती कराने के एवज में लिए गये पैसों को दो बार में 25 लाख रूपये मुलायम सिंह यादव उर्फ अजय यादव के कहने पर चारबाग स्टेशन पर उक्त बाबू जी को दिया था। गिरफ्तार अभियुक्त प्रदीप सिंह यादव उपरोक्त ने मनीष यादव के बयान का समर्थन करते हुये बताया कि हम लोग अधिकांशतः गाजीपुर के नीलकण्ठ कोंचिग और बक्सू बाबा एकेडमी के छात्रों में से अभ्यर्थी तलाशते है और मुलायम सिंह यादव उर्फ अजय यादव उपरोक्त के नेतृत्व में पैसे लेकर भर्ती कराने और मेडिकल परीक्षा पास कराने का काम करते हैं। गिरोह का सरगना मुलायम सिंह यादव उर्फ अजय यादव है, जिसका सम्पर्क मिलिट्री हास्पिटल, इलाहाबाद, लखनऊ, वाराणसी, मेरठ आदि में काम करने वाले कई सैन्य/सिविल अधिकारियों एवं कर्मचारियों से है। वाराणसी का संजय श्रीवास्तव और मऊ जनपद के दो सगे भाई ऋषि कुमार गुप्ता और ज्ञानचन्द गुप्ता, जो एक्स आर्मी मैन हैं, भी इस रैकेट के सक्रिय सदस्य हैं और आर्मी भर्ती में पैसे लेकर फर्जी तरीके से काफी लोगों को भर्ती करा चुके हैं। गिरफ्तार अन्य अभियुक्तों ने बताया कि उन लोगों का काम अभ्यर्थियों को उपलब्ध कराना व उनसे पैसे वसूल कर मनीष एवं प्रदीप यादव के माध्यम से मुलायम सिंह यादव उर्फ अजय यादव को देना होता है। भर्ती कराने के एवज में मिले पैसों को अपने-अपने काम के हिसाब से ये लोग आपस में बांट लेते हैं। गिरफ्तार अभियुक्तों के आपराधिक इतिहास के सम्बन्ध में जानकारी की जा रही है। उक्त चारों अभियुक्तों को थाना सिविल लाइन, प्रयागराज के मु0अ0सं0-35/2020 धारा-419/420 भादवि व 7/13 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में दाखिल किया गया है। अग्रिम कार्यवाही थाना सिविल लाइन्स, प्रयागराज द्वारा की जायेगी।