श्रमिक, ठेकेदार व विभागीय अधिकारी आपस में तारतम्य बनाकर निर्माण कार्यों को गति प्रदान करें : केशव प्रसाद मौर्य
May 3, 2020 • Mr Arun Mishra
卐 उप मुख्यमंत्री ने प्रदेश के 12 मंडलों के अभियंताओं से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए लाॅकडाउन के दौरान शुरू किए गए कार्यों का फीडबैक लिया। 
卐 बाहर से आने वाले मजदूरों को काम देने के लिए बनाए ठोस और प्रभावी कार्ययोजना : उप मुख्यमंत्री 
卐 सड़कों की पटरियों के किनारे कच्चे कार्यों को मनरेगा के तहत कराए जाने हेतु की जाए कार्यवाही : उप मुख्यमंत्री 
卐 मनरेगा के कार्य लोक निर्माण विभाग द्वारा भी कराए जाएं : उप मुख्यमंत्री 
卐 कार्य प्रभावित होने पर कोविड - 19 ड्यूटी पर लगाए गए अधिकारी अथवा अभियंता को ड्यूटी से मुक्त करा लिया जाए : उप मुख्यमंत्री
 
 
लखनऊ (सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग)। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने शनिवार 2 मई को  प्रदेश के 12 मंडलों कानपुर, प्रयागराज, मेरठ, बांदा, लखनऊ, झाँसी, आगरा, आजमगढ़, अलीगढ़, मुरादाबाद, सहारनपुर व बरेली के मुख्य अभियंताओं, अधीक्षण अभियंताओं व अधिशासी अभियंताओं से लगातार तीसरी बार वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए वार्ता करते हुए लाॅकडाउन के दौरान शुरू किए गए कार्यों का फीडबैक लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कार्य तीव्र गति से कराए जाएं। उन्होंने कहा की मजदूर हितों को सर्वोपरि रखते हुए हमें हर हाल में उन्हें रोजगार उपलब्ध कराना है।उन्होंने निर्देश दिए कि बाहर से आने वाले मजदूरों को कार्य देने के लिए भी ठोस व प्रभावी कार्य योजना बनाई जाए। श्री मौर्य ने निर्देश दिए की सड़कों की पटरियों के किनारे कच्चे कार्य व अन्य कार्यों को मनरेगा के तहत कराए जाने हेतु कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। लोक निर्माण विभाग के सचिव समीर वर्मा ने बताया कि मनरेगा में कुछ ऐसा प्रावधान किये जाने की बात चल रही है कि खंड विकास अधिकारी के यहां से जो अभिलेखीय कार्य संपन्न होते रहे है ,वह संबंधित विभाग ही कराए। उन्होंने बताया कि कुछ मशीनों का भी इसमें प्रयोग किए जाने की बात चल रही है, इसलिए मनरेगा के तहत काफी कार्य लोक निर्माण विभाग द्वारा कराए जा सकते हैं। उप मुख्यमंत्री ने इस संबंध में ठोस व प्रभावी रणनीति बनाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिए की साइटों पर काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा का पूरा ख्याल रखा जाए तथा सामाजिक दूरी बनाए रखने के हर संभव प्रयास किए जाएँ और मजदूरों का रजिस्ट्रेशन श्रम विभाग में जरूर कराया जाए। श्री मौर्य ने कहा कि श्रमिक, ठेकेदार व विभागीय अधिकारी आपस में तारतम्य बनाकर निर्माण कार्यों को गति प्रदान करें। कांट्रैक्टर की कोई व्यवहारिक समस्या हो, तो उसको सुनकर उसका भी समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा की निर्माण सामग्री व मशीनरी लाने वाले वाहनों पर रोक हटा दी गई है। अगर कहीं पर कोई रोकता है तो स्थानीय वरिष्ठ अधिकारियों से बात करके समस्या का समाधान सुनिश्चित कर लिया जाए। निर्माण सामग्री के परिवहन को चेक पोस्ट पर नहीं रोका जाएगा। उन्होने निर्देश दिये कि जो निविदाएं लंबित हैं, उनका तत्काल निस्तारण किया जाए। उन्होंने कहा कि विभाग के जो अधिकारी व इंजीनियर कोविड - 19 वैश्विक महामारी में ड्यूटी पर लगाए गए हैं और उनकी वजह से यदि काम प्रभावित हो रहा है, तो सम्बन्धित जिलाधिकारी से संपर्क करके  उन्हें ड्यूटी से मुक्त कराने का तथा उनकी जगह पर अन्य कर्मचारियों को लगाने का अनुरोध कर लिया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि विशेष मरम्मत के कार्य जल्दी से जल्दी प्रारंभ करा दिए जाएं। श्री मौर्य ने जोर देते हुए ये भी कहा कि जिन क्षेत्रों में बाढ़ आती है वहाँ के कार्यों व स्ट्रक्चर वर्क को बारिश से पहले हर हाल में प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाए।श्री मौर्य ने निर्देश दिए कि किसी भी स्तर पर कार्यों में य मानकों में य सुरक्षा मानकों में कोई लापरवाही की गई तो संबंधित अधिकारी व कर्मचारी को किसी भी दशा में माफ नहीं किया जाएगा। उन्होंने  पुनः निर्देश दिए कि सभी अधिकारी व कर्मचारी आरोग्य सेतु ऐप्प व सुरक्षा ऐप्प को जरूर डाउनलोड करें। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरक्षा ऐप्प पर प्रतिदिन होने वाले कार्यों का ब्यौरा फोटो व वीडियो समेत अपलोड किए जाएं। उन्होंने कहा कि पुलों, पुलियों व पीपे के पुलों का निर्माण पूरा कराया जाए। उन्होंने इस दौरान विभिन्न जिलों के इंजीनियरों से उनकी समस्याओं की भी जानकारी हासिल की और उनके निराकरण के भी निर्देश वरिष्ठ अधिकारियों को दिए। इस अवसर पर लोक निर्माण विभाग के सचिव द्वय रंजन कुमार व समीर वर्मा, लोक निर्माण विभाग के विभागाध्यक्ष राजीव रतन सिंह, प्रमुख अभियंता एस के श्रीवास्तव, प्रमुख अभियंता राजपाल सिंह, विशेष कार्याधिकारी प्रदीप कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।