स्ट्रेस्ड एमएसएमई के लिए 20,000 करोड़ रुपये का सबोर्डिनेट डेब्ट
May 13, 2020 • Mr Arun Mishra


स्ट्रेस्ड एमएसएमई को इक्विटी सपोर्ट की जरूरत होती है। भारत सरकार सबोर्डिनेट डेब्ट के रूप में 20,000 करोड़ रुपये के प्रावधान की सुविधा प्रदान करेगी जिससे 2 लाख एमएसएमई को लाभ होने की संभावना है। फंक्शनिंग एमएसएमई जो नॉन परफॉर्मिंग एसेट हैं या स्ट्रेस्ड हैं, इस प्रावधान के लिए योग्य होंगे। सरकार सूक्ष्म और लघु उद्यमों के लिए 4,000 करोड़ रुपये की क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट को सहायता प्रदान करेगी। सूक्ष्म और लघु उद्यमों के लिए क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट बैंकों को आंशिक क्रेडिट गारंटी समर्थन प्रदान करेगा। एमएसएमई के प्रमोटरों को बैंकों द्वारा ऋण दिया जाएगा, जो तब यूनिट में इक्विटी के रूप में प्रमोटर द्वारा तब्दील किया जाएगा।