स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जनमानस की ऑनलाइन सहभागिता सुनिश्चित करते हुए लोगों को प्रेरित तथा जागरुक किया जाए : मुख्य सचिव
August 15, 2020 • Mr Arun Mishra

स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम आयोजन के सम्बन्ध में जिलाधिकारियों को निर्देश :

> कोविड-19 के चलते इस वर्ष मानव श्रृंखला न बनाई जाये।

> इस महामारी के दौर में सभा आदि करना उचित नहीं होगा।

> विद्यार्थियों को ऑनलाइन माध्यम से संक्षेप में स्वतंत्रता संग्राम का इतिहास बताया जाये।

> राष्ट्रीय ध्वज' के महत्व के बारे में आमजन को ऑनलाईन सोशल मीडिया के माध्यम से बताया जाये।

> पंथ-निरपेक्षता की मूल अवधारणाओं पर प्रकाश डालते हए लोगों को प्रेरणा दी जाये।

> मा0 प्रधानमंत्री जी द्वारा आत्मनिर्भर भारत बनाने के संदेश का जनमानस में व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाय।

लखनऊ (का उ सम्पादन)। स्वतंत्रता दिवस समारोह, 2020 मनाये जाने के सम्बन्ध में समस्त जिलाधिकारी, उत्तर प्रदेश को मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश शासन राजेन्द्र कुमार तिवारी ने निर्देशित किया है कि हमारे देश के गौरवशाली इतिहास, स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान की याद दिलाने वाला 74वां स्वाधीनता दिवस समारोह कोविड-19 को दृष्टिगत रखते हुए भारत सरकार एवं प्रदेश सरकार द्वारा बचाव हेतु जारी दिशा-निर्देशों का अनुपालन करते हुए परम्परागत रूप से सादगी, हर्षोल्लास एवं आकर्षक ढंग से मनाया जायेगा। जिलाधिकारियों की सुविधा के लिए कार्यक्रम की रूपरेखा दी गई है, किन्तु यदि आवश्यक समझा जाये तो व्यावहारिक स्तर पर सुविधानुसार यथोचित परिवर्तन इसमें किया जा सकता है। गृह मंत्रालय भारत सरकार द्वारा 20 जुलाई, 2020 को जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार 15 अगस्त को प्रातः 9:00 बजे सरकारी तथा गैर-सरकारी इमारतों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाये तथा झण्डा अभिवादन के साथ ही राष्ट्रगान का भावपूर्ण गायन हो। राष्ट्रीय ध्वज में पुष्पों की पंखुड़ियां बाँधकर उसे फहराया जाये। इस अवसर पर राष्ट्रीय एकता, अखण्डता, पंथ-निरपेक्षता एवं साम्प्रदायिक सौहार्द की भावना को बलवती बनाने पर जोर दिया जाये साथ-साथ लोगों को परम्परागत एकता प्रदर्शित करने के लिए प्रेरित किया जाये। कोविड-19 के चलते इस वर्ष मानव श्रृंखला न बनाई जाय। कोविड-19 वैश्विक महामारी से बचाव के लिए भारत सरकार तथा उ प्र सरकार द्वारा समय - समय पर जारी दिशा - निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करते हुए शिक्षण संस्थाओं में स्वतंत्रता दिवस समारोह का आयोजन किया जाये। विद्यार्थियों को ऑनलाइन माध्यम से संक्षेप में स्वतंत्रता संग्राम का इतिहास बताया जाय तथा देश पर शहीद हुए देशभक्तों के जीवन के प्रेरक - प्रसंग दोहराये जायें, जिससे उनमें राष्ट्रीय चेतना जागृत हो। शासन द्वारा संचालित कल्याणकारी कार्यक्रमों अथवा योजनाओं के साथ ही शैक्षिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों की विस्तृत जानकारी देने वाले ऑनलाइन कार्यक्रम भी आयोजित किये जायें। शैक्षिक कार्यक्रमों के आयोजनों हेतु शिक्षा विभाग द्वारा पृथक से आवश्यक निर्देश जारी किये जायेंगे। इस महामारी के दौर में सभा आदि करना उचित नहीं होगा। इस अवसर पर यह भी सर्वथा उचित होगा कि कोविड-19 के योद्धाओं जैसे चिकित्सकों, स्वास्थ कर्मियों, स्वच्छता कर्मियों को ऑनलाइन कार्यक्रमों में आमंत्रित किया जाय। इसके अलावा कोरोना महामारी से स्वस्थ हुए व्यक्तियों को भी ऑनलाइन आमंत्रित किया जा सकता है। यह भी उचित होगा कि इस अवसर पर मा0 प्रधानमंत्री जी द्वारा आत्मनिर्भर भारत बनाने के संदेश का जनमानस में व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाय। इसके लिए विभिन्न गतिविधियों एवं कार्यक्रमों को सोशल मीडिया के माध्यम से जनमानस तक पहुँचाया जाय। अपरान्ह में कोविड-19 वैश्विक महामारी से बचाव के लिए भारत सरकार तथा उ प्र सरकार द्वारा समय - समय पर जारी दिशा - निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करते हुए ऑनलाइन कार्यक्रमों का आयोजन किया जाय जिसमें स्वाधीनता की वर्षगांठ पर जन-साधारण को यह भी याद दिलाया जाये कि हमारे अनगिनत देशभक्तों तथा अमर बलिदानियों ने जीवन भर संघर्ष करके. अपना सव कुछ न्यौछावर कर जो राजनीतिक स्वाधीनता हासिल की थी, उसकी रक्षा करते हुए आर्थिक व सामाजिक स्वाधीनता लाने का दायित्व अव विशेष तौर पर नई पीढ़ी पर है। इस अवसर पर जन-साधारण को बताया जाये कि सभी समुदायों के महापुरुषों ने एकता, आपसी सद्भाव, भाई-चारे व इंसानियत पर सदैव बल दिया है, अतः इस राष्ट्रीय पावन पर्व पर उन महानुभावों के कार्यों का भी आदरपूर्वक स्मरण किया जाये, ताकि समाज में इन्सान और इन्सानियत की अहमियत बढ़े। राष्ट्रीय स्वाभिमान और गौरव के प्रतीक 'राष्ट्रीय ध्वज' के महत्व के बारे में आमजन को ऑनलाईन सोशल मीडिया के माध्यम से बताया जाये। पंथ-निरपेक्षता की मूल अवधारणाओं पर प्रकाश डालते हए लोगों को प्रेरणा दी जाये कि राष्ट्र और समाज का निर्माण प्रेम तथा सद्भावना से होता है। घृणा से नहीं, मेल-जोल से होता है, बैर-भाव से नहीं, एक-दूसरे के धर्म, जाति, विचारों व महापुरूषों का आदर करने से होता है, अनादर से नहीं। 15 अगस्त, 2020 को ब्लाक, तहसील तथा जनपद स्तर पर होने वाले कार्यक्रमों में कोविड-19 से संबंधित नियमों का पालन करते हुए कार्यक्रमों को आयोजित किया जाये। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 14 एवं 15 अगस्त, 2020 की रात्रि में सरकारी कार्यालय भवनों तथा अन्य इमारतों एवं स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े ऐतिहासिक स्मारकों को रोशन किया जाये। विकास संबंधी शासन की प्राथमिकताओं से जन-मानस को सोशल मीडिया के माध्यम से अवगत कराते हुए उन्हें अपेक्षित योगदान करने के लिए प्रेरित किया जाये। साथ ही बेहतर वातावरण पैदा करके स्वच्छ प्रशासन देने के प्रयासों से भी आम जनता को विभिन्न संचार माध्यमों के द्वारा अवगत कराया जाय। प्रदेश सरकार 'सबका साथ, सबका विकास एवं सबका विश्वास' तथा 'आत्मनिर्भर भारत बनाने' की अवधारणा को अंगीकृत करते हुए उत्तर प्रदेश को स्वच्छ, स्वस्थ, समर्थ तथा सर्वोत्तम प्रदेश बनाने के लिए कटिबद्ध है। राज्य सरकार समाज के सभी वर्गों विशेष रूप से किसानों, गरीवों, वंचितों, शोषितों एवं उपेक्षित वर्ग के साथ-साथ प्रदेश की जनता की खुशहाली के लिए साफ नीयत सही विकास के संकल्प को साकार कर रही है। राज्य सरकार के ऐतिहासिक निर्णयों एवं विकासपरक तथा जन-कल्याण के लिए उठाए गए कदमों से स्पष्ट है कि वर्तमान सरकार प्रदेश के आमजन के विकास, उसकी सुरक्षा और कानून व्यवस्था के प्रश्न पर कितनी संवेदनशील है। वर्तमान सरकार मौजूदा चुनौतियों को अवसर में बदल कर प्रदेश का तेजी से विकास कर रही है। इसी कम में प्रदेश सरकार द्वारा समाज के विभिन्न वर्गों के हित तथा राज्य के समग्र विकास के लिए संचालित महत्वपूर्ण योजनाओं एवं कार्यक्रमों के सम्बन्ध में जनसाधारण को सोशल मीडिया के माध्यम से अवगत कराया जाए। यह देश सभी धर्मों और सम्प्रदायों में पारस्परिक विश्वास, सदभावना व एकता से ही प्रगति कर सकता है। प्रदेश में शांति एवं सद्भाव का वातावरण सृजित करने के लिए इस अवसर पर जनमानस की ऑनलाइन सहभागिता सुनिश्चित करते हुए लोगों को प्रेरित तथा जागरूक भी किया जाए।