टाई यंग उद्यमी 2020 ग्रैंड फिनाले में 12 टीमों ने अपने बिज़नेस प्लान प्रस्तुत किये
February 2, 2020 • Mr Arun Mishra
> पालतू पशु पॉसम में डे केयर की भाँती रखे जा सकते हैं : प्रथम पुरस्कार
> बचे हुए छिलके को प्रयोग में लेते हुए वाटर फ़िल्टर बनाया जो पानी की बीमारियों से रोकेगा : द्वितीय पुरस्कार
> ऐप्प के माध्यम से हर भाषा में टीचर देंगे कोचिंग: तृतीय पुरस्कार
कानपुर (का ० उ ० सम्पादन)। टाई यंग उद्यमी 2020 ग्रैंड फिनाले 2 फरवरी 2020 को आउटरीच ऑडिटोरियम, आईआईटी कानपुर में संपन्न हुआ। यह प्रोग्राम टाई यू पी और एसबीईआरटीसी (सिंडिकेट बैंक एंट्रेप्रेनरशिप रेसेरच एंड ट्रेनिंग सेण्टर) का वार्षिक प्रोग्राम है ,  जिसमें इस साल शहर के सभी बोर्ड के स्कूलों ने भाग लिया। डॉ विरेन्द्र स्वरुप पनकी, शीलिंग हाउस, डीपीएस कल्याणपुर, डीपीएस आज़ाद नगर, एलनहाउस पब्लिक स्कूल, जीडी गोयनका पब्लिक स्कूल, महर्षि पतंजलि स्कूल इलाहबाद, सेठ आनंदराम जैपुरिया स्कूल और मेथोडिस्ट हाई स्कूल ने हिस्सा लिया। कुल 12 टीमों ने अपने बिज़नेस प्लान प्रस्तुत किये। कार्यक्रम का संचालन टाई यू पी के प्रेजिडेंट विशाल खेर ने किया तथा कार्यक्रम के कन्वेनर मुकेश कुमार रहे। जूरी के रूप में कानपुर प्लास्टिक पैक के मैनेजिंग डायरेक्टर मनोज अग्रवाल, गूगल पे के इंडिया डायरेक्टर पुलित त्रिवेदी व एल्गो 8 नाम का स्टार्टअप चला रहे आईआईटी के पढ़े नंदन मिश्रा रहे। मुख्य अतिथि प्रो बीवी फनी व प्रो अमिताभ बंदोपाध्याय रहे। विजेता टीम जैपुरिया की रही जिसने पॉसम नाम का बिज़नेस प्लान बनाया जिसमें पालतू पशुओं की देख-रेख, उनका खाना, दवा इत्यादि की पूरी सुविधाएँ उपलब्ध करने की बात की। इसमें यदि कोई कहीं बाहर जा रहा है और उनके घर में पालतू पशु हैं तो उसको वह पॉसम में डे केयर की भाँती रख के जा सकता है। दूसरे स्थान पर डॉ विरेन्द्र स्वरूप पनकी की टीम रही। इनके आईडिया को जजों ने सराहा तथा इनको एक और अवार्ड जजेज़ चॉइस अवार्ड भी दिया गया जो की पहली बार 9 सालों में किसी टीम को दिया गया है। इस टीम ने भुट्टे के बचे हुए छिलके को प्रयोग में लेते हुए वाटर फ़िल्टर बनाया जो की मात्र 70 रुपए में मिलेगा।  यह फ़िल्टर विशेष रूप से गरीबों को ध्यान में रखते हुए बनाया गया जिससे पानी से होने वाली बिमारियों से बचा जा सके और हर एक घर में यह मिल पाए। तीसरे स्थान पर रही डीपीएस कल्याणपुर की टीम जिसके बिज़नेस प्लान का नाम टोटोटा है। इसमें एक ऐसा ऐप्प बनाने की बात की गयी जिसमें हर भाषा में टीचर उपलब्ध रहेंगे तथा बच्चे को लैंग्वेज की किसी तरह की कोई परेशानी नहीं होगी, बच्चा अपनी स्थनीय भाषा में भी टूशन प्राप्त कर सकता है। इसके अलावा बेस्ट सोशल इम्पैक्ट का पुरुस्कार डीपीएस कल्याणपुर की टीम को मिला जिसमें लड़कियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उनके लिए फीमेल टैक्सी ड्राइवर और टैक्सी का एप्प बनाना था जिसका नाम कॉल पिंक रखा गया। प्रोमिसिंग आईडिया का अवार्ड एक मिश्रित टीम को मिला जिसमें तीन स्कूल क बच्चे थे। उसमें से एक बच्चन ने यह कार्यक्रम इलाहबाद से हर संडे आ कर किया। इस टीम का आईडिया घर की महिलाओं के बेहतरीन भोजन को व्यवसाय में कैसे तब्दील करें उसके ऊपर था। उन्होंने होम ईट्स नाम का एप्प बनाया जिसमें घरेलु महिलाओं को एंट्रेप्रेनर बनाया और घर का स्वाद घर-घर पहुंचाया। बेस्ट डॉक्युमेंटेड आईडिया का अवार्ड जैपुरिया ने लिया तथा बेस्ट लेन कैनवास का अवार्ड शीलिंग हाउस की टीम को मिला। बेस्ट एलीवेटर पिच का अवार्ड जिसमे 60 सेकंड के अंदर बच्चे को इन्वेस्टर के सामने अपना बिज़नेस प्लान प्रस्तुत करना होता है (ऐसी सिचुएशन दी जाती है जिसमें आपको यह समझना होता है की लिफ्ट की निचली फ्लोर पे आपको एक इन्वेस्टर मिल गया है और वो और आप 9 फ्लोर पर जा रहे हैं और इसी समय क अंदर आपको इतने अच्छे से अपना बिज़नेस उसको समझाना है की वो आपके बिज़नेस में पैसा डालने का मन बना ले) यह पुरुस्कार जैपुरिया की टीम ने जीता इसमें उन्होंने रेस्टॉरेंट्स के अंदर ही स्टार्टअप के लिए कोवर्किंग स्पेस की बात करी। इस तरह के कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में एंट्रेप्रेनरशिप की तरफ रुझान जाग्रत करना है ताकि बच्चे छोटी उम्र से ही इस दिशा में सोच पाएं। टाई यू पी इस दिशा में ऐसे बहुत से प्रोग्राम आयोजित करता रहता है जिससे उद्यमिता को बढ़ावा मिले। कार्यक्रम में अंकिता शुक्ला, गोपाल सूटवाला, राव विक्रम सिंह, संदीप पाटिल, आदि उपस्थित थे।