तेज गति से किया जाने वाला टेस्टिंग कार्य कोविड-19 के संक्रमण की चेन को तोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा : मुख्यमंत्री
June 28, 2020 • Mr Arun Mishra

01 से 07 जुलाई, 2020 की अवधि में मेरठ मण्डल में चलेगा विशेष अभियान, घर-घर जाकर होगी मेडिकल स्क्रीनिंग 

> मुख्यमंत्री ने उ प्र में कोविड-19 के 20 हजार टेस्ट प्रतिदिन की क्षमता अर्जित करने पर संतोष व्यक्त करते हुए इसमें लगातार वृद्धि करने के निर्देश दिए।

> औद्योगिक इकाइायों में कार्यरत लोगों को संक्रमण से सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी कोविड हेल्प डेस्क : मुख्यमंत्री

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी 27 जून, 2020 को अपने सरकारी आवास पर आहूत एक उच्चस्तरीय बैठक में अनलाॅक व्यवस्था की समीक्षा करते हुए।    (फोटो : मुख्यमंत्री सूचना परिसर)

लखनऊ (सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने उत्तर प्रदेश में कोविड-19 के 20 हजार टेस्ट प्रतिदिन की क्षमता अर्जित करने पर संतोष व्यक्त करते हुए इसमें लगातार वृद्धि किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि ज्यादा से ज्यादा सैम्पल संग्रहित करते हुए तेज गति से किया जाने वाला टेस्टिंग कार्य कोविड-19 के संक्रमण की चेन को तोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री योगी शनिवार 27 जून को अपने सरकारी आवास पर आहूत एक उच्चस्तरीय बैठक में अनलॉक व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे। औद्योगिक इकाइयों में कोविड हेल्प डेस्क स्थापित कराए जाने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि अनलॉक व्यवस्था में पूरी सावधानी बरतते हुए औद्योगिक, वाणिज्यिक एवं अन्य कारोबारी गतिविधियों का संचालन जरूरी है। इसके दृष्टिगत औद्योगिक इकाइयों में कोविड हेल्प डेस्क की स्थापना इन इकाइायों में कार्यरत लोगों को संक्रमण से सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योग में यह भी सुनिश्चित हो कि जहां 05 अथवा उससे अधिक व्यक्ति कार्यरत है, वहां मेडिकल स्क्रीनिंग की व्यवस्था अनिवार्य रूप से उपलब्ध रहे। इसके अलावा सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन कड़ाई से कराया जाए। उद्योग क्षेत्र में संक्रमण से बचाव के लिए किए जा रहे उपायों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने ऐसे समस्त स्थानों पर कोविड हेल्प डेस्क स्थापित करने के निर्देश दिए हैं, जहां बड़ी संख्या में लोग आते हों। बैठक में मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया गया कि सभी जिला चिकित्सालयों, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में कोविड हेल्प डेस्क की स्थापना हो गई है। मुख्यमंत्री ने मेरठ मण्डल पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यहां कोविड-19 की चेन को तोड़ने के लिए सर्विलांस कार्यों में तेजी लाते हुए लोगों को जागरूक किया जाए। मेरठ मण्डल में 01 से 07 जुलाई, 2020 की अवधि में एक विशेष कार्यक्रम संचालित किया जाए। ग्राम पंचायत तथा वॉर्ड स्तर पर संचालित होने वाले इस विशेष कार्यक्रम के तहत घर-घर जाकर मेडिकल स्क्रीनिंग की जाए। इसके लिए मीडिकल स्क्रीनिंग टीम को इंफ्रारेड थर्मामीटर तथा पल्स ऑक्सीमीटर उपलब्ध कराया जाए। मेडिकल स्क्रीनिंग में लक्षणों के आधार पर संदिग्ध पाए जाने वाले लोगों का रैपिड एन्टीजन टेस्ट कराया जाए। संक्रमित होने की दशा में ऐसे व्यक्तियों को उपचार के लिए कोविड चिकित्सालय में भर्ती किया जाए। मुख्यमंत्री जी ने मेरठ मण्डल में मण्डी, दुकान आदि सहित सभी सरकारी और गैर सरकारी संस्थाओं में संक्रमण से बचाव की कार्यवाही संचालित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि मण्डल में समस्त जनपदों में कोविड अस्पतालों की क्षमता विस्तार का कार्य प्राथमिकता पर किया जाए। सभी प्रमुख स्थानों, बाजारों, चौराहों आदि पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जाए। कन्टेनमेंट जोन में डोर स्टेप डिलिवरी व्यवस्था को सुचारु ढंग से संचालित किया जाए। उन्होंने नगर विकास विभाग, ग्राम्य विकास विभाग तथा पंचायतीराज विभाग को मण्डल में विशेष स्वच्छता अभियान संचालित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दिए कि कोविड-19 से होने वाली मृत्यु को रोकने में पल्स ऑक्सीमीटर की अत्यन्त महत्वपूर्ण भूमिका है। इस मेडिकल उपकरण के माध्यम से ऑक्सीजन के स्तर की जानकारी मिलती है। निर्धारित स्तर से कम ऑक्सीजन वाले रोगियों को समय से ऑक्सीजन उपलब्ध कराकर उनकी जीवन रक्षा की जा सकती है। उन्होंने पल्स ऑक्सीमीटर के उपयोग के प्रति जागरूकता सृजित किए जाने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि कोविड-19 से बचाव के लिए प्रचार–प्रसार लगातार जारी रखा जाए। टेलीविजन, रेडियो, समाचार पत्र तथा पब्लिक एड्रेस सिस्टम आदि का उपयोग करते हुए लोगों को संक्रमण से सुरक्षित रहने की जानकारी उपलब्ध कराई जाए। इस सम्बन्ध में जगह-जगह पोस्टर तथा बैनर भी लगाए जाएं। मुख्यमंत्री जी ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सेनिटाइजेशन के कार्य को निरन्तर संचालित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि पशुओं को बीमारी से बचाने के लिए टीकाकरण का कार्यक्रम तेजी से चलाया जाए। इस अवसर पर चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना, स्वास्थ्य राज्य मंत्री अतुल गर्ग, मुख्य सचिव आर के तिवारी, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त आलोक टण्डन, कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक सिन्हा, अपर मुख्य सचिव सूचना एवं गृह अवनीश कुमार अवस्थी, अपर मुख्य सचिव वित्त संजीव मित्तल, अपर मुख्य सचिव राजस्व रेणुका कुमार, पुलिस महानिदेशक हितेश सी अवस्थी, अपर मुख्य सचिव चिकित्सा शिक्षा रजनीश दुबे, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री एस पी गोयल, अपर मुख्य सचिव एमएसएमई नवनीत सहगल, अपर मुख्य सचिव ग्राम्य विकास तथा पंचायतीराज मनोज कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव कृषि देवेश चतुर्वेदी, प्रमुख सचिव पशु पालन  भुवनेश कुमार, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री संजय प्रसाद, सचिव मुख्यमंत्री आलोक कुमार, सूचना निदेशक शिशिर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।