उ म रे और उ रे ने कवरॉल के उत्पादन में उत्कृष्ट कार्य किया : राजीव चौधरी
April 27, 2020 • Mr Arun Mishra

> महाप्रबंधक ने उ म रे और उ रे के अधिकारियों की वीडियो कॉन्फ्रेंस में, संबंधित इकाइयों से एन 95 मास्क के आंतरिक स्रोतों से उत्पादन की संभावना का अध्ययन करने और इस दिशा में कार्य करने का निर्देश दिया।

> ना सिर्फ संरक्षा के निर्धारित मानदंडों का अनुपालन सुनिश्चित हो बल्कि भविष्य के लिए भी अनुरक्षण गतिविधियों का कोई विशेष एरियर ना बचा रहे।

 

 

प्रयागराज। उत्तर मध्य रेलवे ने नियमित आधार पर लगभग 200 मालगाड़ियों  और 18 समयसारिणीबद्ध पार्सल गाड़ियों के संरक्षायुक्त, कुशल और सुचारु संचालन के साथ ही, कोविड -19 महामारी से लड़ने के लिए रीयूज़ेबल कवर, सैनिटाइज़र, कवरॉल आदि महत्वपूर्ण वस्तुओं को बनाने जैसे कई उल्लेखनीय पहल किये हैं। वर्तमान में चल रहे प्रयासों के द्वारा उत्तर मध्य रेलवे अब तक 1.5 लाख से अधिक रीयूज़ेबल फेस कवर, 8000 लीटर सैनिटाइजर और 1500 कवरऑल का उत्पादन कर चुका है। अब उत्तर मध्य रेलवे अपने चिकित्सा कर्मियों के लिए एन 95 मास्क के आंतरिक स्रोतों से उत्पादन के लिए प्रयासरत है। ज्ञात हो कि, एन 95 मास्क स्वास्थ्य कर्मियों के लिए एक बहुत महत्वपूर्ण पीपीई आइटम है। महाप्रबंधक राजीव चौधरी ने उत्तर मध्य रेलवे और उत्तर रेलवे के अधिकारियों की दैनिक वीडियो कॉन्फ्रेंस में, संबंधित इकाइयों से  एन 95 मास्क के आंतरिक स्रोतों से उत्पादन की संभावना का अध्ययन करने और इस दिशा में कार्य करने का निर्देश दिया। उन्होंने आगे कहा कि उत्तर मध्य रेलवे और उत्तर रेलवे ने कवरॉल के उत्पादन में उत्कृष्ट काम किया है और एन 95 फेसमास्क का आंतरिक स्रोतों से उत्पादन कोविड -19 महामारी के खिलाफ इस राष्ट्रीय  लड़ाई में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। वर्तमान में चल रही लॉकडाउन स्थितियों के चलते यह अतिआवश्यक है कि आवश्यक रेल संचालन और रेलसंपत्तियों का सामाजिक दूरी के मानकों का पालन करते हुए समुचित अनुरक्षण किया जाए ताकि ना सिर्फ संरक्षा के निर्धारित मानदंडों का अनुपालन सुनिश्चित हो सके बल्कि भविष्य के लिए भी अनुरक्षण  गतिविधियों का कोई विशेष एरियर ना बचा रहे।  इस लक्ष्य के साथ, उत्तर मध्य रेलवे सभी स्थाई और रोलिंग एसेट को बनाए रखने और कुशल तरीके से रेल संचालन जारी रखने और अन्य महत्वपूर्ण प्रयासो को जारी रखने के लिए ना सिर्फ हर दिन नए प्रयास कर रहा है बल्कि नित नए नवाचारों का प्रयोग कर रहा है।

उत्तर मध्य रेलवे की कुछ महत्वपूर्ण पहलों में :

1 ) अनिवार्य कोर्सों के लिए ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम

2 ) ई-ऑफिस का उपयोग करके आधिकारिक कार्य का निर्वहन

3 ) निविदाओं को ऑनलाइन तरीके से फाईनल करना

4 ) महत्वपूर्ण कार्यों की पहचान करना और क्रियान्वयन की योजना बनाना,

5 ) विभिन्न ऑटोमेटिक प्रणालियों और ट्रैक रिकॉर्डिंग मशीनों से प्राप्त इनपुट के आधार पर परिसंपत्तियों का रखरखाव,

6 ) ड्राइंग को ऑनलाइन तरीके से अंतिम रूप देना

7 ) नए सेक्शन खोलने और गति बढ़ाने से जुड़े भविष्य के कार्यों की सीआरएस स्वीकृति के डाक्यूमेंट तैयार करने

8 ) कार्यालय के रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण

9 ) ऑनलाइन शिकायत