उ प्र की जनता ने भी कोरोना के नियंत्रण में सरकार के साथ मिलकर प्रभावी भूमिका अदा की : प्रधानमंत्री
September 24, 2020 • Mr Arun Mishra

> कोरोना काल में उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक श्रमिक वापस आए हैं, जिनके सम्बन्ध में सराहनीय कार्य किए गए : प्रधानमंत्री

> कोरोना से जुड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर को और मजबूत करते हुए हेल्थ, ट्रैकिंग - ट्रेसिंग से जुड़े नेटवर्क के लिए बेहतर ट्रेनिंग करनी है : प्रधानमंत्री

> एक राज्य से दूसरे राज्य के बीच आवागमन सुगम हो, दवाइयां और ऑक्सीजन आसानी से पहुंचे यह देखना होगा : प्रधानमंत्री

> आत्मनिर्भर पैकेज के तहत 4.32 लाख इकाइयों को 10,437 करोड़ रुपए का ऋण स्वीकृत कर वितरण किया गया : मुख्यमंत्री 

> आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश रोजगार / स्वरोजगार सृजन अभियान के तहत 3.72 लाख नई एमएसएमई इकाइयों को 13,383 करोड़ रुपए का ऋण स्वीकृत किया गया।

> गरीब कल्याण रोजगार अभियान के तहत 22 सितम्बर, 2020 तक 6.45 करोड़ मानव दिवस सृजित किए गए हैं : मुख्यमंत्री

> मनरेगा के तहत अब तक 95.87 लाख व्यक्तियों को रोजगार देते हुए देश में सर्वाधिक 4,874.67 करोड़ रुपए के मानदेय का भुगतान किया गया : मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने कोविड 19 के दौरान शासन पद्यति पर डाला प्रकाश :

> प्रदेश में अद्यतन सकल पॉजिटिविटी दर 04 प्रतिशत और प्रदेश की  रिकवरी दर 81.87 प्रतिशत है।

> प्रदेश में एल-1 के 571, एल-2 के 77 एवं एल-3 के 26 डेडिकेटेड कोविड अस्पताल संचालित हैं।

> प्रदेश में प्रतिदिन लगभग डेढ़ लाख टेस्टिंग की जा रही है, जिसमें से 50 हजार टेस्टिंग आरटी पीसीआर के माध्यम से की जा रही है।

> सायंकाल इंटीग्रेटेड कमाण्ड एवं कण्ट्रोल सेण्टर पर कोविड-19 की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की जाती है।

> निरन्तर सर्विलांस हेतु प्रदेश के 70 हजार से अधिक निगरानी टीमों का गठन किया गया।

> आरोग्य सेतु एप उत्तर प्रदेश में सर्वाधिक 2.60 करोड़ डाउनलोड हुए हैं।

मा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी  23 सितम्बर 2020 दिल्ली से तथा उ प्र के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी 7 राज्यों के मुख्यमंत्री के साथ वीडियो कान्फ्रेंसिंग करते हुए। (फोटो : मुख्यमंत्री सूचना परिसर)

लखनऊ (सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग)। भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने कहा है कि संयम, संवेदना, संवाद और सहयोग का जो प्रदर्शन कोरोना काल में देश ने दिखाया है, उसको हमें आगे भी जारी रखना है। कोरोना संक्रमण के विरुद्ध लड़ाई के साथ - साथ अब आर्थिक मोर्चे पर भी हमें पूरी ताकत से आगे बढ़ना है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश राज्य की सरकार ने कोविड नियंत्रण के सम्बन्ध में प्रशंसनीय कार्य किया है। प्रतिदिन डेढ़ लाख की रिकॉर्ड टेस्टिंग व्यापक स्तर पर की जा रही है। यहां पर मृत्यु दर भी कम है। देश की सबसे बड़ी आबादी उत्तर प्रदेश में निवास करती है। इसके दृष्टिगत इस राज्य की चुनौतियां भी अधिक हैं। कोरोना काल में उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक श्रमिक वापस आए हैं, जिनके सम्बन्ध में सराहनीय कार्य किए गए हैं। यहां की जनता ने भी कोरोना के नियंत्रण में राज्य सरकार के साथ मिलकर प्रभावी भूमिका अदा की है। प्रधानमंत्री जी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कोविड-19 के सम्बन्ध में उत्तर प्रदेश सहित 07 राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ संवाद कर रहे थे। इन राज्यों में आन्ध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, दिल्ली, पंजाब, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश शामिल थे। प्रधानमंत्री जी ने कहा कि प्रभावी टेस्टिंग, ट्रेसिंग, ट्रीटमेंट, सर्विलांस और स्पष्ट मैसेजिंग पर अपना फोकस और बढ़ाना होगा। उन्होंने कहा बीते महीनों में कोरोना इलाज से जुड़ी जिन सुविधाओं का विकास किया गया है, वह हमें कोरोना से मुकाबले में बहुत मदद कर रही हैं। अब हमें कोरोना से जुड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर को और भी मजबूत करते हुए हेल्थ, ट्रैकिंग-ट्रेसिंग से जुड़े नेटवर्क के लिए बेहतर ट्रेनिंग भी करनी है। उन्होंने कहा कि भारत ने मुश्किल समय में भी पूरे विश्व में जीवन रक्षक दवाओं की आपूर्ति सुनिश्चित की है। ऐसे में एक राज्य से दूसरे राज्य के बीच आवागमन सुगम हो, दवाइयां और ऑक्सीजन आसानी से पहुंचे, हम सबको मिलकर यह देखना होगा। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से सवा करोड़ लोगों को लाभान्वित किया गया है। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने प्रधानमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके कुशल नेतृत्व व मार्गदर्शन में राज्य में कोविड-19 के विरुद्ध प्रभावी और मजबूती से लड़ाई लड़ी जा रही है। वर्तमान में कुल सक्रिय मरीजों की संख्या 61,699 है, जबकि अब तक पूर्ण उपचारित मरीजों की संख्या 3,02,689 है। प्रत्येक जनपद में इंटीग्रेटेड कमाण्ड एवं कण्ट्रोल सेण्टर स्थापित कर प्रबन्धन की कार्यवाही संचालित की जा रही है। इसके माध्यम से होम आइसोलेशन तथा कोविड अस्पतालों में भर्ती सभी मरीजों से नियमित रूप से संवाद स्थापित किया जाता है। सभी जनपदों में नियमित तौर पर प्रात: किसी कोविड अस्पताल में बैठक कर जिलाधिकारी व सीएमओ द्वारा मरीजों को दी जा रही चिकित्सा सुविधाओं की समीक्षा की जाती है। सायंकाल इंटीग्रेटेड कमाण्ड एवं कण्ट्रोल सेण्टर पर कोविड-19 की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की जाती है। मुख्यमंत्री ने कहा निरन्तर सर्विलांस हेतु प्रदेश के 70 हजार से अधिक निगरानी टीमों का गठन किया गया, जिनके द्वारा लक्षणयुक्त व्यक्तियों की पहचान कर उनकी टेस्टिंग सुनिश्चित की जाती है। कोविड-19 प्रबन्धन के लिए प्रभावी रणनीति बनायी गयी है। बेहतर संवाद और सर्विलांस के माध्यम से संक्रमण व मृत्यु दर को न्यूनतम किया गया है। कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग व टेस्टिंग पर विशेष फोकस किया गया है। पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से लोगों को निरन्तर जागरुक किया जा रहा है। निजी व सरकारी अस्पतालों तथा कार्यालयों में कोविड हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं। सभी कोविड हेल्प डेस्क व सर्विलांस टीमों को पल्स ऑक्सीमीटर एवं इन्फ्रारेड थर्मामीटर उपलब्ध कराए गए हैं। प्रदेश में प्रतिदिन लगभग डेढ़ लाख टेस्टिंग की जा रही है, जिसमें से 50 हजार टेस्टिंग आरटी पीसीआर के माध्यम से की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अद्यतन सकल पॉजिटिविटी दर 04 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री, भारत सरकार अमित शाह के मार्गदर्शन में गौतमबुद्धनगर व गाजियाबाद में कोविड-19 की स्थिति सफलतापूर्वक नियंत्रण में लायी गयी। प्रदेश में एल-1 के 571, एल-2 के 77 एवं एल-3 के 26 डेडिकेटेड कोविड अस्पताल संचालित हैं। इन अस्पतालों में एल-1 के 1,23,460 तथा एल-2 के 15,812 बेड्स उपलब्ध हैं। एल-3 के 12,490 बेड्स पर वेण्टीलेटर की सुविधा उपलब्ध है। प्रदेश में कुल 7,094 बेड पर आईसीयू की सुविधा उपलब्ध है। प्रदेश में रिकवरी दर 81.87 प्रतिशत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड महामारी के दौरान इंसेफेलाइटिस व अन्य संचारी व वेक्टर जनित रोगों पर भी नियंत्रण राज्य सरकार द्वारा किया गया है। वर्ष 2014 में पूर्वी उत्तर प्रदेश में जेई से 549 मृत्यु हुई थीं, जो घटकर अब मात्र 07 रह गई। प्रदेश में आर्थिक गतिविधियां भी तेजी से बढ़ी हैं। अगस्त माह में राजस्व संग्रह बढ़ा है। एमएसएमई के तहत 8,18,114 इकाइयों में 51.78 लाख श्रमिक कार्यरत हैं। आत्मनिर्भर पैकेज के तहत 4.32 लाख इकाइयों को 10,437 करोड़ रुपए का ऋण स्वीकृत कर वितरण किया गया। आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश रोजगार / स्वरोजगार सृजन अभियान के तहत 3.72 लाख नई एमएसएमई इकाइयों को 13,383 करोड़ रुपए का ऋण स्वीकृत किया गया। मनरेगा के तहत अब तक 95.87 लाख व्यक्तियों को रोजगार देते हुए 23.75 करोड़ मानव दिवस का सृजन करते हुए 4,874.67 करोड़ रुपए के मानदेय का भुगतान किया गया, जो देश में सर्वाधिक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीब कल्याण रोजगार अभियान के तहत 22 सितम्बर, 2020 तक 6.45 करोड़ मानव दिवस सृजित किए गए हैं। आरोग्य सेतु एप उत्तर प्रदेश में सर्वाधिक 2.60 करोड़ डाउनलोड हुए हैं। राज्य सरकार द्वारा कोविड महामारी से सम्बन्धित डाटा के संक्षिप्त प्रबन्धन हेतु एकीकृत यूपी कोविड पोर्टल का विकास किया गया है, जिसके माध्यम से जनसामान्य को टेस्ट रिजल्ट भी सुगमता से उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इस अवसर पर गृह मंत्री, भारत सरकार अमित शाह, केन्द्रीय रक्षा मंत्री  राजनाथ सिंह, केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, केन्द्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ हर्ष वर्धन, उत्तर प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री  सुरेश खन्ना, स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह, मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी, अपर मुख्य सचिव गृह एवं सूचना अवनीश कुमार अवस्थी, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद, अपर मुख्य सचिव चिकित्सा शिक्षा डॉ रजनीश दुबे, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री एस पी गोयल, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य आलोक कुमार, सचिव मुख्यमंत्री आलोक कुमार, निदेशक सूचना शिशिर सहित अन्य केन्द्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।